बाराबंकी लोधेश्वर महादेवा मंदिर : पैरों में पड़े छाले, जुबां पर भोले-भोले, भक्ति में झूम रहे कांवरिये
रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। लोधेश्वर महादेवा मंदिर में चल रहे फाल्गुनी मेले में भक्तों का जनसैलाब उमड़ रहा है। सरयू नदी का जल और दूर-दराज के जनपदों से लाया गया गंगाजल लेकर कांवरिये 'हर-हर बम-बम' और 'भोलेनाथ की जय' के जयकारों के साथ मंदिर गर्भगृह की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्नाव के कांवरियों ने करीब 30 घंटे की थकाऊ यात्रा पूरी कर भोलेनाथ के जयकारों के साथ सोमवार को मंदिर में जलाभिषेक किया। उन्होंने बताया कि नंगे पैर चलने से पैरों में छाले हो गए, लेकिन भगवान के दर्शन और जलाभिषेक की श्रद्धा से दर्द भी कम हो गया।
कांवड़िये पहले बोहनिया के पवित्र सरोवर में स्नान कर त्रिशूल पर कांवर स्पर्श कर पूजन-अर्चन करते हैं। कुछ श्रद्धालु दूसरे दिन सरयू (घाघरा) नदी घाट से जल लेकर भोलेनाथ को अर्पित कर रहे हैं। शिव अभरण सरोवर में भी भक्त पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी और जल पुलिस के जवान मोटर बोट के साथ निगरानी में तैनात हैं।

मेले में बांगरमऊ, उन्नाव से महंत सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में शिव-पार्वती स्वरूप झांकी आकर्षण का केंद्र रही। भक्त झांकियों और शिव भजनों पर झूमते नजर आए। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा अखंड रामायण पाठ का आयोजन भी किया गया। बैंड की धुन पर आरती की थाल सजाकर भक्त समूहों में नाचते-गाते मंदिर की ओर बढ़ते दिखाई दिए। श्रद्धालु मनौती पूर्ण होने पर मंदिर के गुंबद पर झंडा भी बांधते हैं।
मेले में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत व थाना प्रभारी अनिल कुमार पांडे पुलिस बल के साथ मेला क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। मंदिर प्रांगण से लेकर मेला परिसर तक ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है, वहीं साफ-सफाई पर भी प्रशासन की विशेष नजर बनी हुई है।
